जैसे की नाम से ही पता चलता है, RFT का फुल फॉर्म “रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर” है। 

इसका मतलब है कि “लाभार्थी का डेटा राज्य सरकार द्वारा सत्यापित किया गया है, जो सटीक पाया गया है।”

जिसके बाद, वह सरकार से अनुरोध करते हैं कि लाभार्थी के खाते में पैसे भेजे जाएं। 

 “सत्यापित/ मान्य डेटा के आधार पर एसएनपी फंड के रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर (आरएफटी) पर हस्ताक्षर करते हैं,

जिसमें एक विशेष बैच में निहित लाभार्थियों की कुल संख्या और उस बैच के लिए ट्रांसफर की जाने वाली फंड की कुल राशि होती है, और इसे पोर्टल पर अपलोड करते हैं।”

इस प्रकार जिन किसानों की पहली, दूसरी, तीसरी, चौथी, पांचवीं, छठी, आठवीं, नौवीं, दसवीं या 11वीं किस्त के लिए राज्य द्वारा हस्ताक्षरित आरएफटी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) में दिखाई दे रहा है,

तो उन किसानों को इसकी जाँच करवाने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि आपके पीएम किसान का खाता एकदम सही है, 

राज्य सरकार द्वारा आपके डेटा की जांच करने के बाद, केंद्र सरकार से आपके खाते में पैसे भेजने का अनुरोध किया गया है।

राज्य सरकार द्वारा आपके डेटा की जांच करने के बाद, केंद्र सरकार से आपके खाते में पैसे भेजने का अनुरोध किया गया है।

   यह पैसा सरकार द्वारा बहुत जल्द आपके बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया जाएगा। 

जल्द ही इस योजना के तहत 12 वीं क़िस्त आने वाली Iहै .अधिक जाननें के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें

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